यात्रा और पर्यटन

डिण्डौरी जिले में घुघवा जीवाश्म राष्ट्रीय उद्द्यान स्थितित है, जिसका भारत में एक अनुठा स्थामन है। यह स्थान जीवाश्मों के एक अनमोल अमूल्य ख़जाने से समृध है। यहाँ 18 संयंत्र परिवार की 31 पीढी में से संबंधित जीवाश्मों की पहचान की गई है। यह जीवाश्म कुछ 66 लाख साल पहले इस क्षेत्र में फेले हुए जीवन का प्रतिनिधित्व करते है। यहॉ पर पौधो, पर्वतरोही, पत्ते, फूल, फल, और बीजों के संरक्षित जीवाश्म अच्छी तरह से संरक्षित पाए गये है। यहाँ विशेष रूप से कई पाम जीवाश्म भी पाए गये है। यहाँ पर 66 लाख साल पुराने संयंत्र जीवाश्मों पाये गये है और घुघवा जीवाश्म पार्क में जीवाश्मों की रक्षा के लिए भरपूर प्रयास किये जाते है।

डिण्डौरी में कई ऐतिहासिक और आध्या़त्मिक स्थानों का अनूठा संग्रह है। आध्यात्मिक स्थान जैसे लक्ष्मीण मढवा, कुर्करामठ, कलचुरीकाली मंदिर एवं कान्हा टाइगर नेश्नल पार्क जो 180 किमी की दूरी पे है एवं बाधंवगढ राष्ट्रीय उद्यान जिसकी दूरी जिला मुख्यारलय से 140 किमी है।